क्रेडिट कार्ड के फायदे और नुक्सान क्या है? Credit Card Advantages and Disadvantages in Hindi

आज के इस ब्लॉग पोस्ट Credit Card Advantages and Disadvantages in Hindi में आपको क्रेडिट कार्ड से जुड़े हुए बहुत सारे चीजों के बारे में बताने वाला हूँ, जैसे कि क्रेडिट कार्ड क्या होता है? क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कैसे करते है? किनलोगों को क्रेडिट कार्ड दिया जाता है? क्रेडिट कार्ड का यूज़ कैसे होता है और क्रेडिट कार्ड के क्या फायदे और क्या नुक्सान होते है।

Credit Card Advantages and Disadvantages in Hindi

क्रेडिट कार्ड होता क्या है? (What is Credit Card)

जैसे कि ATM कार्ड या Debit कार्ड होता है, इसी तरह से क्रेडिट कार्ड भी एक कार्ड होता है। लेकिन इन दोनों में अंतर ये होता है कि जो हमारा डेबिट कार्ड होता है ये बैंक अकाउंट से लिंक होता है, जबकि क्रेडिट कार्ड किसी बैंक अकाउंट से लिंक नहीं होता है।

इसीलिए हम डेबिट कार्ड से सिर्फ उतने ही पैसे खर्च कर सकते है जितने हमारे अकाउंट में होते है, क्योंकि ये अकाउंट से लिंक होता है। जबकि क्रेडिट कार्ड जब हमें बैंक जारी करता है तो इसमें एक लिमिट देता है जो कि 25,000 रुपये से लेकर 3,00,000 रुपये तक हो सकती है और वो Limit हम एक महीने में खर्च कर सकते है।

क्रेडिट कार्ड किन लोगो को दिया जाता है?

अगर आपके पास एक अच्छा इनकम सोर्स है, यानि अच्छी सैलरी वाली आपकी एक जॉब है या फिर आपका अच्छा बिज़नेस चल रहा है और साथ ही आपका Cibil Score भी अच्छा है तो आपको आसानी से क्रेडिट कार्ड मिल जाता है।

क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कैसे करे? (How to Get A Credit Card)

इसमें दो तरीके होते है आप चाहे तो ऑनलाइन भी अप्लाई कर सकते है और ऑफलाइन भी अप्लाई कर सकते है। जिस बैंक का आप क्रेडिट कार्ड लेना चाहते है उसकी वेबसाइट पर जाकर आप वहां से ऑनलाइन अप्लाई कर सकते है।

जैसे कि अगर आप State Bank of India का क्रेडिट कार्ड लेना चाहते है तो आप Sbicard की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई कर सकते है और अगर आप Axis Bank का क्रेडिट कार्ड लेना चाहते है तो Axis Bank की ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई करे।

आप चाहे तो सीधे बैंक में जाकर भी ऑफलाइन फॉर्म को भरकर जमा कर सकते है, इस तरीके से भी आप क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते है। जैसे ही आप क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते है तो एक महीने के अंदर ही आपके दिए गए पते पर क्रेडिट कार्ड को भेज दिया जाता है और इसके बाद आप इसका इस्तेमाल कर सकते है।

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कैसे होता है?

जब बैंक आपको क्रेडिट कार्ड जारी करता है, तो इसकी एक लिमिट पहले से ही फिक्स करके देता है जो कम से कम 25,000 और ज्यादा से ज्यादा 3,00,000 रुपये के बीच में कुछ भी हो सकती है जो कि समय के साथ-साथ बढ़ते रहती है। मैंने जब क्रेडिट कार्ड लिया था तब उसकी लिमिट 55,000 रुपये थी जो कि बाद में बैंक ने बढ़ाकर 65,000 रुपये कर दिया।

इसमें होता ये है कि जितनी लिमिट बैंक फिक्स कर देता है उतना ही आप इसको ऑनलाइन शॉपिंग में या किसी को पेमेंट करने में या ATM मशीन से कैश निकालने में आप यूज़ कर सकते है। आप अगर चाहे तो इस कार्ड से ATM से कैश भी निकाल सकते है, लेकिन उसमे जो पेनल्टी है वो आपके कैश निकालने के साथ ही शुरू हो जाती है।

इसीलिए क्रेडिट कार्ड से कभी भी कैश नहीं निकालना चाहिए, आपको इससे हमेशा ऑनलाइन पेमेंट ही करना चाहिए या शॉपिंग वगैरह करनी चाहिए। जैसे आप अपने डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करते है तो हर उस जगह पर आप क्रेडिट कार्ड का भी इस्तेमाल कर सकते है।

क्रेडिट कार्ड लेने के क्या फायदे होते है?

क्रेडिट कार्ड के बहुत सारे फायदे होते है, सबसे बड़ा फायदा तो इसका ये होता है कि अगर हमें इमरजेंसी में पैसो की जरुरत पड़ जाये और हम अपने दोस्तों से ना मांग सके या वो ना दे पाए तो ऐसी स्थिति में आप अपने क्रेडिट कार्ड से पैसे निकालकर अपनी जरुरत को पूरा कर सकते है। बाद में एक महीने के बाद आप उसका बिल का पेमेंट सकते है।

दूसरा फायदा ये होता है कि जब आप इससे ऑनलाइन शॉपिंग करते है या पेमेंट वगैरह करते है तो उसमे आपको कुछ Reward Points मिलते है, जिन्हे आप Redeem कर सकते है।

तीसरा फायदा ये होता है कि इससे जब आप पेमेंट करते है तो उसमे आपको काफ़ी छूट भी मिलती है जैसे कि अगर आप Make my Trip की वेबसाइट से कोई टिकट खरीदते है और क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करते है तो उसमे आपको काफी छूट मिल जाती है।

क्रेडिट कार्ड लेने के नुक्सान क्या होते है?

जिस तरह से क्रेडिट कार्ड के काफी सारे फायदे है, ठीक उसी तरह क्रेडिट कार्ड लेने के काफी सारे नुक्सान भी है। सबसे बड़ा नुक्सान तो इसका ये है कि आप अगर इसका बिल देने में चूक जाते है यानि अगर आपके क्रेडिट कार्ड का Due Date है 2 तारीख का और आप महीने के 2 तारीख को बिल जमा नहीं करते है तो आपके ऊपर अच्छी-खासी पेनल्टी लग जाती है।

दूसरा बड़ा नुक्सान ये है कि अगर आप क्रेडिट कार्ड से ATM मशीन से कैश निकालते है, तो कैश निकालने के दिन से ही आपके ऊपर पेनल्टी लगना शुरू हो जाती है जब तक आप उस महीने का बिल नहीं भरते है।

तीसरा बड़ा नुक्सान ये है कि अगर आपका क्रेडिट कार्ड गुम हो जाता है या खो जाता है और कोई व्यक्ति इससे इंटरनेशनल ट्रांसक्शन कर लेता है तो उसमे आपको OTP भी नहीं मिलता है। क्योंकि ऐसे पेमेंट में बस क्रेडिट कार्ड के ऊपर जो नंबर लिखे होते है ये नंबर डाल कर और इसके पीछे एक नंबर होता है CVV नंबर इन दोनों नंबर को डालकर कोई भी व्यक्ति बड़े आराम से पेमेंट कर सकता है और इसमें आपके पास कोई OTP भी नहीं आता है।

OTP सिर्फ नेशनल ट्रांसक्शन में आता है और जो इंटरनेशनल ट्रांसक्शन होते है उनमे OTP नहीं आता है, इसलिए अगर ये कार्ड खो जाता है तो कोई भी आपके कार्ड का Misuse कर सकता है इसीलिए आपको खोने के फ़ौरन बाद ही कार्ड को बंद करा देना चाहिए।

एक और बड़ा नुक्सान क्रेडिट कार्ड का ये है कि इससे फिजूल खर्चे काफी होती है यानि कि अगर आप किसी चीज़ को नहीं भी खरीदना चाहते है और आपके पास क्रेडिट कार्ड है तो आपके मन में आएगा कि इस चीज़ को खरीद लेते है क्योंकि बिल की तो कोई टेंशन लेता नहीं है।

सोच लेते है कि बिल तो एक महीने के बाद देना है इस तरह से काफी फिज़ूल खर्ची भी होती है। जो चीजें हमें नहीं भी खरीदनी होती वो भी हम क्रेडिट कार्ड होने की वजह से खरीद लेते है।

क्रेडिट कार्ड का पेमेंट कैसे होता है?

जब हम क्रेडिट कार्ड से कही पर कोई शॉपिंग करते है या पेमेंट करते है, तो उसके कुछ दिन के बाद बिल जेनरेट होता है और बिल जेनरेट होने के बाद भी हमें लगभग 15 से 20 दिन का समय मिलता है उस बिल को जमा करने के लिए जो कि कभी-कभी एक महीने का भी होता है।

यानि जब हम अपने क्रेडिट कार्ड से पैसा खर्च करते है तो उसके लगभग 50 दिन के बाद हमें उसका पेमेंट करना होता है। क्रेडिट कार्ड का बिल नेट बैंकिंग के द्वारा ऑनलाइन ही आपको पता चल जायेगा या फिर आपके द्वारा दिए गए पते पर बैंक से बिल भेजा जाता है।

उसमे सारी डिटेल होती है कि आपने किस तारीख को कितने पैसे कहाँ खर्च किये, साथ ही अगर आपके ऊपर कोई पेनल्टी लगी होती है तो वो पेनल्टी की डिटेल भी उसमे होती है और उसमे एक Due Date भी होती है कि इस तारीख तक आपको बिल का पेमेंट करना ही करना है।

पेमेंट करने में आपको दो ऑप्शन दिए जाते है या तो आप Minimum Amount जो होता है उसे दे सकते है या फिर आप Full पेमेंट कर सकते है। यहाँ पर मै आपको यही सलाह दूंगा कि आपको हमेशा फुल पेमेंट करना चाहिए क्योंकि अगर आप Minimum Amount Pay करते है तो बाकी का जो Amount रह जाता है उसके ऊपर अच्छी खासी पेनल्टी लगती है। इसीलिए जब भी आप बिल का भुगतान करे तो आपको पूरे बिल का भुगतान करना चाहिए।

बिल का भुगतान कैसे करते है?

या तो आप डायरेक्ट इंटरनेट बैंकिंग से इसका पेमेंट कर सकते है या फिर आजकल बहुत सारे पेमेंट एप्स है जैसे PhonePe, Google Pay इत्यादि। इस तरह के एप्प में आप अपना कार्ड का नंबर डाल कर अपने क्रेडिट कार्ड बिल का पेमेंट कर सकते है या अगर आप चाहे तो बैंक में जाकर ऑफलाइन भी बिल का पेमेंट कर सकते है।

जहाँ क्रेडिट कार्ड के बहुत सारे नुक्सान है वहीँ पर इसके बहुत सारे फायदे भी है अगर आप इसको Smartly यूज़ करते है, आप समय पर इसके बिल का पेमेंट करते है तो इसके बहुत सारे फायदे भी है। जैसे कि आपको Redeem Points मिलते है, साथ ही आप जो ऑनलाइन शॉपिंग वगैरह करते है वहां पर आपको काफी Discount मिलती है और इमरजेंसी में अगर आपको पैसे की जरुरत पड़ती है तो वहां क्रेडिट कार्ड बहुत काम आता है।

इसीलिए अगर आपका एक अच्छा जॉब है या आपका एक अच्छा बिज़नेस चल रहा है तो आपको क्रेडिट कार्ड ले लेना चाहिए।

आज के इस ब्लॉग पोस्ट Credit Card Advantages and Disadvantages in Hindi में आपने जाना कि क्रेडिट कार्ड क्या होता है, क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई कैसे करते है और ये किन लोगो को दिया जाता है, क्रेडिट कार्ड का यूज़ कैसे होता है और क्रेडिट कार्ड के फायदे/नुक्सान क्या है। अगर आपको ये पोस्ट पसंद आये तो इसे Share करना ना भूले।..

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