लिनक्स क्या है? लिनक्स के प्रकार और इसका इस्तेमाल

Linux 1991 में कंप्यूटरों के लिए जारी किया गया एक open source ऑपरेटिंग सिस्टम है, लेकिन इसका उपयोग कारों में खासकर सेल्फ ड्राइविंग कार, स्मार्टफोन, वेब सर्वर और हाल ही में नेटवर्किंग के लिए सिस्टम को काम करने के लिए विस्तारित हुआ है।

इसकी लंबी उम्र, मैच्योरिटी और सिक्योरिटी इसे आज उपलब्ध सबसे भरोसेमंद ऑपरेटिंग सिस्टम में से एक बनाती है, जिसका अर्थ है कि यह कमर्शियल नेटवर्क उपकरणों के साथ-साथ उन इंटरप्राइजेज के लिए भी बेहतर है जो अपने नेटवर्क और डेटा सेंटर के बुनियादी ढांचे को अनुकूलित करने के लिए इसका और इसके बाहरी उपकरणों का उपयोग करना चाहते हैं।

linux kya hai

आज स्मार्टफोन से लेकर कार, सुपर कंप्यूटर और घरेलू उपकरण, होम डेस्कटॉप से ​​लेकर एंटरप्राइज सर्वर तक, Linux ऑपरेटिंग सिस्टम हर जगह मौजूद है।

वास्तव में, जिस वेबसाइट को आप अभी पढ़ रहे हैं वह भी Linux based server पर चल रही है।

Linux 1991 से मौजूद है और तब से अनेकों यूज़र बेस तक पहुँच गया है जो दुनिया भर में फैला हुआ है। Linux वास्तव में हर जगह है, यह आपके फ़ोन, म्यूजिक सिस्टम, आपकी कार (especially self driving cars), रेफ्रिजरेटर (फ्रिज), टेलीविज़न इत्यादि में है। यह इंटरनेट पर मौजूद वेबसाइटों का 2/3 हिस्सा, दुनिया के सभी टॉप 500 सुपर कंप्यूटरों और दुनिया के स्टॉक एक्सचेंजों को भी चलाता है।

लेकिन दुनिया भर में डेस्कटॉप/लैपटॉप कंप्यूटर, सर्वर और embedded सिस्टम चलाने के लिए पसंदीदा प्लेटफॉर्म होने के अलावा लिनक्स सबसे विश्वसनीय, सुरक्षित और चिंता मुक्त ऑपरेटिंग सिस्टम है।

ऑपरेटिंग सिस्टम क्या है?

आप शायद Microsoft Windows या Apple के Mac OS X से परिचित हैं। Windows और OS X एक विशेष प्रकार के सॉफ़्टवेयर हैं जिन्हें ऑपरेटिंग सिस्टम (संक्षेप में OS) कहा जाता है। OS का उद्देश्य अन्य सॉफ़्टवेयर को चलाने के लिए एक प्रकार की नींव/बुनियाद के रूप में कार्य करना है।

यदि ऑपरेटिंग सिस्टम कंप्यूटर पर नहीं चलेगा, तो कोई अन्य सॉफ्टवेयर भी काम नहीं करेगा। क्योंकि किसी भी सॉफ्टवेयर को मैनेज करने और उसे चलाने का काम ऑपरेटिंग सिस्टम का है।

ऑपरेटिंग सिस्टम को एक कार इंजन के जैसे सोचें। एक इंजन बिना कार के भी अपने आप चल सकता है, लेकिन जब यह ट्रांसमिशन, एक्सल और पहियों से जुड़ा होता है तो यह एक कार्यात्मक कार बन जाती है। इंजन के ठीक से चलने के बिना, बाकी कार काम नहीं करेगी। उम्मीद करता हूँ अब आप समझ गए होंगे।

कंप्यूटिंग के युग में आज कई ऑपरेटिंग सिस्टम उपलब्ध हैं, लेकिन बहुत से लोग केवल एक या दो से परिचित हैं – आमतौर पर Microsoft Windows या Apple के Mac OS X जो कि डेस्कटॉप कंप्यूटर का उपयोग करते समय उनके संपर्क में आते हैं। नेटवर्क सर्वर की दुनिया में, वर्तमान में एक और ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसके चलने की संभावना अधिक है और वह ऑपरेटिंग सिस्टम Linux है।

सर्वर ऑपरेटिंग सिस्टम मार्केट में Linux का बहुत बड़ा हिस्सा है, लेकिन डेस्कटॉप कंप्यूटर पर Linux चलाने के बारे में क्या?

यह पता चला है कि आपके डेस्कटॉप/पर्सनल कंप्यूटर में OS के रूप में चलाने के लिए Linux की कई किस्में हैं। सबसे लोकप्रिय desktop linux versions में से दो Ubuntu और Fedora हैं।

लिनक्स क्या है?

Windows और MAC OS X की तरह ही Linux एक ऑपरेटिंग सिस्टम है। वास्तव में, दुनिया में सबसे लोकप्रिय प्लेटफॉर्मो में से एक, Android लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के Kernel द्वारा संचालित है। ऑपरेटिंग सिस्टम वह सॉफ्टवेयर है जो आपके डेस्कटॉप या लैपटॉप से जुड़े सभी हार्डवेयर संसाधनों को मैनेज करता है।

सीधे शब्दों में कहें तो, ऑपरेटिंग सिस्टम आपके सॉफ़्टवेयर और हार्डवेयर के बीच संचार का प्रबंधन करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) के बिना, कोई भी सॉफ्टवेयर/एप्लीकेशन काम नहीं करेगा।

Linux एक open source ऑपरेटिंग सिस्टम या एक open source licence के तहत डिस्ट्रीब्यूट किया जाने वाला Kernel है।

इसकी फंक्शन्स काफी हद तक Unix ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह है। Kernel लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के केंद्र में एक प्रोग्राम है जो बेसिक चीजों का ख्याल रखता है, जैसे हार्डवेयर को सॉफ्टवेयर के साथ संचार / communicate करने देना।

हर बार जब आप अपने कंप्यूटर को चालू करते हैं, तो आपको एक स्क्रीन दिखाई देती है जहाँ आप विभिन्न प्रकार के काम कर सकते हैं जैसे डॉक्यूमेंट लिखना, इंटरनेट ब्राउज़ करना या वीडियो देखना।

वह क्या है जो कंप्यूटर हार्डवेयर को इस तरह काम करने के लिए कहता है? आपके कंप्यूटर के प्रोसेसर को कैसे पता चलता है कि आप उसे एक mp3 फ़ाइल play करने के लिए कह रहे हैं?

खैर, यह ऑपरेटिंग सिस्टम या Kernel है जो इस काम को करता है। तो, अपने कंप्यूटर पर काम करने के लिए, आपको एक ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) की आवश्यकता होती है।

लिनक्स क्यों इस्तेमाल करें?

इस पॉइंट पर आप अपने आप से पूछ रहे होंगे, “ठीक है, भले ही मैं अपने डेस्कटॉप पर लिनक्स चला सकता हूँ, पर मैं ऐसा क्यों चाहूंगा?”

यह एक अच्छा सवाल है। कई लोगों के लिए, Windows या OS X के साथ बने रहना सही चॉइस है, लेकिन उन विकल्पों से परे देखने के भी अच्छे कारण हैं।

लिनक्स मुफ्त है। इसका इस्तेमाल करने के लिए आपको किसी को एक पैसा भी नहीं देना होगा। बस इसे डाउनलोड करें और इसे अपने कंप्यूटर पर इंस्टॉल करें।

यह डॉक्यूमेंट एडिटिंग और spreadsheet से लेकर प्रोफेशनल लेवल की इमेज, ऑडियो और वीडियो एडिटिंग तक हर चीज़ के लिए बहुत सारे फ्री सॉफ़्टवेयर के साथ pre-installed हो सकता है।

हालांकि, लिनक्स में कुछ कमियां भी हैं जो कुछ लोगो के लिए आरामदायक Windows या OS X ऑपरेटिंग सिस्टम को छोड़ने के लायक नहीं हैं।

यदि आपके पास विशेष सॉफ़्टवेयर या हार्डवेयर है जिसका उपयोग आप अपने कंप्यूटर पर करते हैं, तो संभव है कि यह Linux में भी काम करेगा, लेकिन इसकी गारंटी नहीं है।

इसके अतिरिक्त, एक लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ व्यावहारिक होने में कुछ समय लगेगा क्योंकि हर OS में महत्वपूर्ण सिस्टम फ़ंक्शंस आमतौर पर अलग-अलग जगहों पर स्थित होते हैं, जिनका उपयोग करना शुरू में थोड़ा कठिन लग सकता है।

किसने बनाया लिनक्स?

लिनक्स एक ऑपरेटिंग सिस्टम या Kernel है जो Linus Torvalds के दिमाग में एक विचार के रूप में आया जब वे कंप्यूटर साइंस के छात्र थे। वे UNIX OS पर काम करते थे और सोचते थे कि इसमें सुधार की जरूरत है।

हालाँकि, जब उनके सुझावों को UNIX के डेवेलपर्स ने अस्वीकार कर दिया, तो उन्होंने एक OS लॉन्च करने के बारे में सोचा, जो अपने यूज़र्स द्वारा सुझाए गए परिवर्तनों के हिसाब से संशोधन होगा।

इस तरह Linus Torvalds ने 1991 में Linux नाम का एक Kernel तैयार किया। हालाँकि इस पर चलने के लिए उसे फ़ाइल मैनेजर, डॉक्यूमेंट एडिटर, ऑडियो-वीडियो प्रोग्राम जैसे सॉफ्टवेयर की आवश्यकता होगी।

यह कुछ ऐसा था कि आपके पास एक आइसक्रीम कोन तो है लेकिन उसके ऊपर कोई आइसक्रीम नहीं है।

जैसे-जैसे समय बीतता गया, उन्होंने MIT जैसी जगहों पर अन्य प्रोग्रामर के साथ संपर्क किया और लिनक्स के लिए एप्लिकेशन बनने लगे।

उसके बाद 1991 के मध्य में, कुछ सॉफ्टवेयर के साथ एक कार्यशील लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया था और यह आज उपलब्ध सबसे पसंदीदा और open source OS विकल्पों में से एक की शुरुआत थी।

Linux OS के पुराने version यूज़र्स के लिए इतने अनुकूल नहीं थे क्योंकि वे कंप्यूटर प्रोग्रामर द्वारा उपयोग में थे और Linus Torvalds के मन में कभी भी अपने प्रोडक्ट का व्यवसायीकरण करने का विचार नहीं था।

इसने निश्चित रूप से लिनक्स की लोकप्रियता पर अंकुश लगाया क्योंकि अन्य व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल होने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम Windows प्रसिद्ध हो गए। बहरहाल, लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम के open source पहलू ने इसे और अधिक मजबूत बना दिया।

लिनक्स का मुख्य लाभ यह था कि सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर अपने स्वयं के कस्टम ऑपरेटिंग सिस्टम को डिजाइन करने के लिए Linux Kernel का उपयोग कर सकते थे। समय के साथ, यूज़र्स के अनुकूल ऑपरेटिंग सिस्टम की एक नई सीरीज ने कंप्यूटर की दुनिया में धूम मचा दी।

अब, लिनक्स सबसे लोकप्रिय और व्यापक रूप से सबसे ज्यादा उपयोग किए जाने वाले Kernel में से एक है, यह Ubuntu, Fedora, Debian और Android जैसे लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम की रीढ़ की हड्डी है। फिर भी, सूची यहीं समाप्त नहीं होती है क्योंकि Linux Kernel पर आधारित Linux OS के सैकड़ों डिस्ट्रीब्यूशन उपलब्ध हैं जो यूज़र्स को विभिन्न प्रकार के कार्य प्रदान करते हैं।

डिस्ट्रीब्यूशन क्या होता है?

किसी भी प्रकार के यूज़र के अनुरूप लिनक्स के कई अलग-अलग version हैं। नए यूज़र्स से लेकर हार्ड-कोर यूज़र्स तक, आपको अपनी जरूरतों के अनुरूप लिनक्स का version मिलेगा।

इन versions को distribution कहा जाता है (या संक्षेप में, “distro”)।

लिनक्स के लगभग हर डिस्ट्रीब्यूशन को मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है, DVD disc पर burn किया जा सकता है या USB pen drive के माध्यम से कंप्यूटर पर इंस्टॉल किया जा सकता है, जितनी चाहें उतनी कम्प्यूटरों पर।

पॉपुलर लिनक्स डिस्ट्रीब्यूशन में शामिल हैं:

डेस्कटॉप पर प्रत्येक डिस्ट्रीब्यूशन का एक अलग रूप होता है। उनमें से अधिकतर डिस्ट्रीब्यूशन आधुनिक यूजर इंटरफेस जैसे GNOME का इस्तेमाल करते हैं, जबकि कुछ डिस्ट्रीब्यूशन स्टैण्डर्ड डेस्कटॉप इंटरफ़ेस के साथ चिपके रहते हैं (Opensuse डिस्ट्रीब्यूशन KDE का उपयोग करता है)। आप Distrowatch पर टॉप 100 लिनक्स डिस्ट्रीब्यूशन को देख सकते हैं।

लिनक्स के क्या फायदे है?

लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम अब अपने प्रमुख स्तर पर लोकप्रियता प्राप्त करता है और यह प्रोग्रामर के साथ-साथ दुनिया भर के नियमित कंप्यूटर यूज़र्स के बीच प्रसिद्ध है। इसके मुख्य लाभ हैं –

  • यह एक मुफ्त ऑपरेटिंग सिस्टम प्रदान करता है। विंडोज़ जैसा ऑपरेटिंग सिस्टम खरीदने के लिए आपको हजारो रुपये खर्च करने की ज़रूरत नहीं है।
  • open source होने के नाते, प्रोग्रामिंग की ज्ञान रखने वाला कोई भी व्यक्ति इसे संशोधित कर सकता है और आगे डिस्ट्रीब्यूट भी कर सकता है।
  • शुरुआती लोगों के लिए लिनक्स सीखना आसान है।
  • Linux ऑपरेटिंग सिस्टम अब चुनने के लिए लाखों प्रोग्राम/एप्लिकेशन और Linux सॉफ़्टवेयर ऑफ़र करते हैं, और उनमें से अधिकांश मुफ़्त हैं।
  • एक बार जब आप लिनक्स इनस्टॉल कर लेते हैं तो आपको एंटीवायरस की आवश्यकता नहीं रह जाती है! लिनक्स एक अत्यधिक सुरक्षित प्रणाली/सिस्टम है। इसके अलावा, एक ग्लोबल डेवेलपमेंट कम्युनिटी लगातार इसकी सुरक्षा बढ़ाने के तरीकों की तलाश कर रहा है। प्रत्येक अपग्रेड के साथ, Linux OS अधिक सुरक्षित और मजबूत हो जाता है
  • लिनक्स अपनी स्थिरता/stability और विश्वसनीयता के कारण इंटरनेट सर्वर के लिए पसंदीदा ऑपरेटिंग सिस्टम है। अमेज़ॅन, फेसबुक और गूगल जैसी तमाम बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने सर्वर के लिए लिनक्स का उपयोग करती हैं। एक लिनक्स आधारित सर्वर इतना stable होता है कि बिना रुके या reboot किये कई वर्षो तक लगातार चल सकता है।

क्या मैं लिनक्स इस्तेमाल कर सकता हूँ?

यूज़र्स, जो लिनक्स के लिए नए हैं आमतौर पर इसे इस्तेमाल करने के लिए एक कठिन और तकनीकी ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में मानते हुए इसे छोड़ देते हैं। लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले कुछ वर्षों में लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम अपने समकक्षों की तुलना में बहुत अधिक user friendly हो गए हैं।

इसलिए उन्हें आज़माना यह जानने का सबसे अच्छा तरीका है कि लिनक्स आपको सूट करता है या नहीं।

Linux Kernel पर आधारित हज़ारों सर्वश्रेष्ठ Linux OS और Linux सॉफ़्टवेयर उपलब्ध हैं, उनमें से अधिकांश अत्याधुनिक सिक्योरिटी और एप्लिकेशन प्रदान करते हैं, वो भी मुफ्त में!

Unix क्या है?

Unix को सभी ऑपरेटिंग सिस्टम की जननी कहा जाता है जिसने Linux की नींव रखी। Linux Kernel भी Unix की तरह ही बनाया गया है। Unix और Linux ऑपरेटिंग सिस्टम के बीच मुख्य अंतर उसका प्रेजेंटेशन में नहीं है, बल्कि अंतर यह है कि वे आंतरिक रूप से कैसे काम करते हैं, मुख्य रूप से Kernel भाग में।

Unix को मुख्य रूप से mainframe के लिए डिज़ाइन किया गया था और इसका इस्तेमाल इंटरप्राइजेज और कमर्शियल तौर पर किया जाता था। जबकि लिनक्स तेजी से कंप्यूटर यूज़र्स, डेवलपर्स और नेटवर्क सर्वर के लिए इस्तेमाल किया जाने लगा।

आपको Unix Kernel के लिए पेमेंट करना पड़ सकता है जबकि Linux Kernel मुफ़्त है। लेकिन, दोनों ऑपरेटिंग सिस्टम पर इस्तेमाल होने वाले command आमतौर पर समान होते हैं। Unix और Linux के कमांड में बहुत अधिक अंतर नहीं है। चूंकि Linux को Unix का क्लोन माना जाता है, इसलिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम के command को सीखना दूसरे को सीखने के समान है।

अंतिम शब्द

अंततः सबसे लोकप्रिय आधुनिक ऑपरेटिंग सिस्टम्स में से एक Linux बहुत ही रोचक और व्यवहार्य विकल्प प्रस्तुत करता है और यदि आपके पास खर्च करने का समय है, तो कंप्यूटिंग की एक पूरी नई दुनिया को जानने के लिए यह समय के निवेश के लायक हो सकता है।

लिनक्स वर्ल्ड में तलाशने के लिए बड़ी मात्रा में मुफ्त सॉफ्टवेयर हैं जो न केवल डाउनलोड करने और उपयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं, बल्कि किसी भी तरीके से उन्हें मॉडिफाई करने के लिए भी स्वतंत्र हैं। एक ऑपरेटिंग सिस्टम के रूप में लिनक्स कंप्यूटिंग में स्वतंत्रता के एक नए लेवल का प्रतिनिधित्व करता है जो परंपरागत रूप से बंद दरवाजों के पीछे बंद था।

Linux Windows या OS X की तुलना में पूरी तरह से एक अलग ऑपरेटिंग सिस्टम का अनुभव है। दोस्तों लिनक्स के बारे में आपके विचार हमें कमेंट में जरूर बताये और अगर इस पोस्ट से आपको कुछ भी नया सिखने को मिला तो इसे आगे अपने दोस्तों के साथ शेयर कर ज्ञान बांटे।

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