What is Exchange Offer in Hindi | एक्सचेंज ऑफर और 0% EMI क्या होता है?

आज के पोस्ट में आपको एक्सचेंज ऑफर क्या होता है और 0%EMI के बारे में बताने वाला हूँ जिससे आपके सभी Confusions दूर हो जायेंगे। काफी सारे लोग एक्सचेंज ऑफर और EMI को लेकर Confusion में रहते है कि ये क्या है और कैसे काम करता है, इसका फायदा कैसे उठाया जा सकता है। तो चलिए जान लेते है…

What is Exchange Offer in Hindi

EMI क्या होता है?

EMI का Full Form होता है Equated Monthly Installments, इसे लोग Easy Monthly Installments भी कहते है, इसका मातलब होता है किसी रकम को थोड़े-थोड़े किश्तों में चुकाना। किसी प्रोडक्ट को EMI पर खरीदने का मतलब ये होता है कि बैंक उस प्रोडक्ट का पूरा Amount कंपनी को Pay कर देता है और फिर आपको किश्तों में वो राशि बैंक को देना होता है।

EMI दो तरह की होती है एक होता है No-Cost EMI और दूसरा होता है Interest EMI. नो-कॉस्ट EMI का मतलब होता है कि उसमे आपसे कोई प्रोसेसिंग फीस या कोई इंटरेस्ट चार्ज नही किया जाता है। जितने का वो प्रोडक्ट होता है उतने ही पैसे आपको किश्तों में देना होता है।

उदाहरण के लिए आपने कोई 20,000 रुपये का मोबाइल फ़ोन नो-कॉस्ट EMI पर खरीदते है तो आपको पूरे 20,000 रुपये ही देने होते है कोई एक्स्ट्रा फीस देना नही पड़ता है।

दूसरी होती है इंटरेस्ट EMI, मतलब ये है कि इसमें आपसे प्रोसेसिंग फीस ली जाती है और कुछ इंटरेस्ट आपको देना पड़ता है जो कि ज्यादा से ज्यादा 15% तक होता है। उदाहरण के लिए आप किसी 20,000 रुपये की मोबाइल फ़ोन को इंटरेस्ट EMI पर खरीदते है तो आपको सिर्फ 20,000 रुपये ही नही देने है बल्कि आपको 26-27,000 रुपये तक उस मोबाइल फ़ोन के देने पड़ेंगे।

EMI ज्यादातर क्रेडिट कार्ड पर दिए जाते है जब भी आप कोई प्रोडक्ट खरीदते है तो पेमेंट आप्शन में आपको EMI का आप्शन भी मिलता है। EMI का आप्शन सेलेक्ट करने पर आपको वहां अपने क्रेडिट कार्ड की डिटेल्स देनी होती है।

जैसे ही आप क्रेडिट कार्ड की डिटेल देते है तो उस प्रोडक्ट का जितना भी Price है वो आपके क्रेडिट कार्ड से ले लिया जाता है। इसके बाद जब भी आपका क्रेडिट कार्ड का बिल आता है तो उसमे आपकी वो EMI जुड़ के आती है।

उदाहरण के लिए आपने कोई 20,000 रुपये का प्रोडक्ट 4 महीने की EMI पर ख़रीदा तो आपके क्रेडिट कार्ड से पूरे 20,000 रुपये काट लिए जायेंगे और वो 20,000 रुपये EMI में Convert हो जायेंगे। अब जब आपके क्रेडिट कार्ड का अगला बिल आयेगा तो उसमे 5000 रुपये जुड़ के आएंगे।

इसी तरह से अगले 4 महीने तक जो भी क्रेडिट कार्ड का बिल आयेगा उसमे 5000 रुपये EMI के Add होकर आते रहेंगे। ज्यादातर 9 महीने तक की EMI नो-कॉस्ट EMI होती है इससे ज्यादा 12, 18 और 24 महीने की EMI इंटरेस्ट EMI होती है।

What is Exchange Offer in Hindi | एक्सचेंज ऑफर क्या होता है?

एक्सचेंज ऑफर का मतलब होता है कि आपके पास जो भी पुराना प्रोडक्ट है, आप उसको एक नए प्रोडक्ट से एक्सचेंज कर सकते है। एक्सचेंज ऑफर ज्यादातर मोबाइल फ़ोन, लैपटॉप, फ्रिज, LED TV और A/C पर दिया जाता है।

उदाहरण के लिए आपके पास कोई पुराना मोबाइल फोन है और आप एक नया मोबाइल फोन खरीदना चाह रहे है, ऐसे में आप अपने पुराने मोबाइल फोन को एक्सचेंज कर सकते है। इसके लिए आप Flipkart, Amazon या किसी भी शॉपिंग वेबसाइट पर जायेंगे वहां पर आप कोई भी एक प्रोडक्ट सेलेक्ट करेंगे जो आप खरीदना चाहते है।

आपको वहां एक आप्शन मिलेगा With Exchange और Without Exchange का, आप वहां पर With Exchange सेलेक्ट करेंगे और अपने पुराने वाले मोबाइल फोन का मॉडल और ब्रांड सेलेक्ट करेंगे। आपके सामने एक राशि/Amount आ जायेगा कि इतने पैसे आपके पुराने मोबाइल फोन के लगाये गए है, जब आप पेमेंट करेंगे तो उतने ही पैसो का आपको डिस्काउंट दे दिया जायेगा।

इसके बाद जब आपके पास नए मोबाइल फोन की डिलीवरी होगी, जो व्यक्ति उस नए मोबाइल फोन की डिलीवरी करने आयेगा वो ही आपके पुराने मोबाइल फोन को चेक करेगा और ले जायेगा। सामान्यत आपके मोबाइल फ़ोन में एक्सचेंज ऑफर के लिए दो चीजे चेक की जाती है, एक तो उसकी बॉडी सही होनी चाहिए कोई स्क्रैच वगेरह नही होने चाहिए।

दूसरी उसकी स्क्रीन सही होनी चाहिए, एक्सचेंज ऑफर में आपसे मोबाइल के चार्जर, हेडफोन, बिल, बॉक्स नही माँगा जाता है सिर्फ और सिर्फ आपका पुराना मोबाइल फ़ोन लिया जाता है।

उम्मीद है आप समझ ही गए होंगे कि EMI और एक्सचेंज ऑफर क्या होता है, अब जानते है कि इनमे से फायदा किस में है।

  • इंटरेस्ट EMI में आपको कोई फायदा नही है क्योंकि इसमें आपको 20 हजार रुपये के मोबाइल फोन के लिए 26-27 हजार रुपये देने पड़ते है, जबतक आपकी कोई मज़बूरी ना हो आपको इंटरेस्ट EMI पर कोई भी सामान खरीदना नही चाहिए।
  • नो-कॉस्ट EMI में आपको फायदा है और वो इस तरह से है कि अगर आप 20 हजार रुपये का कोई प्रोडक्ट खरीद रहे है तो वही प्रोडक्ट आपको EMI पर भी 20 हजार रुपये का ही पड़ेगा और जिसे आप अगले 6, 9 या 12 महीनो में धीरे-धीरे चुका सकते है।
  • एक्सचेंज ऑफर में आपको फायदा नही होता है क्योंकि एक्सचेंज ऑफर में ये आपके पुराने मोबाइल फ़ोन का जो Price/दाम लगाते है वो बहुत ही कम होता है।

बैंकों और शॉपिंग वेबसाइटों का नो-कॉस्ट EMI में क्या फायदा होता है?

हमने कोई 20 हजार रुपये का प्रोडक्ट ख़रीदा और अगले 9 महीनो तक हम उसी 20 हजार रुपये को थोड़ा-थोड़ा करके हर महीने दे रहे है, तो इसमें बैंकों का और शॉपिंग वेबसाइटों का क्या फायदा है क्योंकि उन्हें तो कोई Extra पैसा नही मिल रहा है।

देखिये ऐसा नही है कि इसमें बैंकों और शॉपिंग वेबसाइटों का कोई फायदा नही है, बैंकों का फायदा ये है कि नो-कॉस्ट EMI पर आप उनका क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करेंगे और शॉपिंग वेबसाइटों का फायदा ये होता है कि नो-कॉस्ट EMI ज्यादातर उन Products पर दिए जाते है जिनकी Sale कम होती है ऐसे में नो-कॉस्ट EMI का आप्शन देने से उन प्रोडक्ट्स की Sale बढ़ जाती है।

क्या डेबिट कार्ड पर EMI का लाभ लिया जा सकता है?

इसका जवाब है हाँ, लिया जा सकता है ऐसा कहना गलत नही होगा, लेकिन सभी बैंकों की कार्ड पर अभी EMI का ऑप्शन नही आया है। सिर्फ और सिर्फ HDFC बैंक के डेबिट कार्ड पर आप EMI ले सकते है लेकिन उसका कोई फायदा नही है क्योंकि क्रेडिट कार्ड पर आपको नो-कॉस्ट EMI का आप्शन मिलता है जबकि डेबिट कार्ड पर आपको नो-कॉस्ट EMI का आप्शन नही मिलता है।

अगर आप डेबिट कार्ड से EMI पर शॉपिंग करते है तो उसमे आपको 14% इंटरेस्ट देना होता है। आशा करता हूँ आप समझ गए होंगे कि 0%EMI क्या है, कैसे काम करता है और एक्सचेंज ऑफर क्या होता है, कैसे काम करता है। आज के पोस्ट What is Exchange Offer in Hindi में अगर आपने कुछ भी नया सीखा तो इसे अपने दोस्तों के साथ Share जरुर करे।

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